अंतर्विद्यालय श्रीमद्भगवद्गीता पाठ प्रतियोगिता में उपविजेता का पुरस्कार मानव भारती देहरादून के नाम

“प्रोग्रेसिव प्रिंसिपल्स एसोसिएशन” देहरादून के तत्वावधान में गीता जयंती के अवसर पर स्थानीय कासिगा स्कूल देहरादून के भव्य समारोह में अंतर्विद्यालय गीता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मानव भारती स्कूल देहरादून के प्रतिभाशाली प्रतियोगियों ने उपविजेता का पुरस्कार प्राप्त कर स्कूल तथा स्वयं का प्रभुत्व स्थापित करने में सफलता प्राप्त की। उपविजेता टीम को पुरस्कार मुख्य अतिथि असिस्टेंट डायरेक्टर एजुकेशन डॉ.चंडीप्रसाद घिल्डियाल ने कासिगा स्कूल देहरादून के सभागार में प्रदान किया। पुरस्कार स्वरूप प्रमाण पत्र, श्रीमद्भगवद्गीता की पुस्तक तथा चलविजयोपहार प्रदान किया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने कहा कि मानव भारती देहरादून के बच्चों की गीता पाठ प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रीमद्भगवद्गीता के तेरहवें अध्याय के श्लोकों की उपस्थिति के माध्यम से बच्चों ने बताया क्या होता है क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ। इस अवसर पर मानव भारती देहरादून के अध्यापक डॉ०अनन्तमणि त्रिवेदी को भी सम्मानित किया गया। बच्चों ने श्रीमद्भगवद्गीता के त्रयोदश अध्याय के श्लोकों का सामूहिक उपस्थापन किया जो आनन्द के साथ सुना गया।

इस प्रस्तुति में श्रेया लिंगवाल कक्षा ८वीं, अम्बिका शाह कक्षा ८वीं, अवनी सिंह कक्षा ८वीं, अंशुल ध्यानी कक्षा ८वीं,प्राची पंवार कक्षा ८वीं, खुशी उनियाल कक्षा ८वीं, कृष्ण मंदीप नेगी कक्षा ८वीं, प्रेरणा बड़थ्वाल कक्षा ७वीं,कलिका त्रिवेदी कक्षा ७वीं अंशिका नेगी कक्षा ७वीं तथा सार्थक शर्मा कक्षा ७वीं ने अपनी भव्य प्रस्तुति दी।

कासीगा विद्यालय के प्राचार्य डॉ०एस० एस० राजपूत ने सभी का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। कासीगा स्कूल की भारतीय भाषाओं की विभागाध्यक्षा डॉ० नूतन स्मृति ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके अध्यापक का अभिनन्दन किया एवं मानव भारती देहरादून के द्वारा चलाए जा रहे संस्कृत शिक्षण प्रकल्प की सराहना की।

इदं शरीरं कौन्तेय क्षेत्रमित्यभिधीयते।
एतद्यो वेत्ति तं प्राहु: क्षेत्रज्ञं इति तद्विद:।।

त्रयोदश अध्याय के प्रथम श्लोक में श्री कृष्ण अर्जुन को उपदेश करते हुए बोलते हैं कि हे अर्जुन ! यह शरीर क्षेत्र इस नाम से कहा जाता है और इसको जो जानता है उसको क्षेत्रज्ञ इस नाम से उनके तत्त्व को जाननेवाले ज्ञानीजन कहते हैं।

यह शरीर ही क्षेत्र नाम से जाता कहा है ऐसा जान।
क्षेत्रज्ञ उसे जो इसे जानता कहते हैं सब ज्ञानवान् ।।

इस अवसर पर मानव भारती स्कूल के सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ सम्मानित प्रधानाचार्या डॉ.गीता शुक्ला ने प्रतियोगी छात्रों को आशीर्वाद के साथ बधाई दी और कहा कि आप सभी अपने स्वाध्याय को अनवरत करते रहें और स्कूल के साथ माता पिता का भी नाम रोशन करें। मानव भारती के निदेशक डॉ०हिमांशु शेखर ने सभी विजेताओं के साथ उनके शिक्षक डॉ.अनन्तमणि त्रिवेदी को भी बधाई के साथ शुभकामनाएं प्रदान की।

आप सभी को गीता जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

Start Time

10:00 am

Thursday, December 1, 2022

Finish Time

2:00 pm

Thursday, December 1, 2022

Event Participants

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